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AISA की नेहा बोरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत, मंदिरों में पुजारियों पर दिए गए बयान का मामला

 Reported By: Abhay Parashar,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 03, 2026 10:30 pm IST,  Updated : Nov 03, 2026 10:40 pm IST

दिल्ली हाई कोर्ट की महिला वकील अमिता सचदेवा ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में SHO को औपचारिक शिकायत दी गई है।

नेहा बोरा- India TV Hindi
नेहा बोरा Image Source : PTI

दिल्ली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेहा बोरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। यह शिकायत मंदिरों में पुजारियों द्वारा महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जाने संबंधी उनके कथित बयान को लेकर की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट की महिला वकील अमिता सचदेवा ने इस मामले में नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में SHO को औपचारिक शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ता ने बयान पर आपत्ति जताते हुए इसकी जांच कराने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है। नेहा बोरा पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं। उन पर कई केस चल रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने भी नेहा बोरा और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। नेहा बोरा का हालिया बयान और राहुल गांधी का एक पुराना बयान दोनों को बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। 

बीजेपी बोली- सनातन धर्म का अपमान

बीजेपी ने एक्स पर लिखा, "कांग्रेस की नई पोस्टर गर्ल नेहा बोरा दूसरे शब्दों में वही दोहरा रहीं हैं, जो राहुल गांधी पहले कह चुके हैं। इनकी सनातन-विरोधी और अराजक सोच पूरे देश के लिए खतरा बनती जा रही है! सनातन धर्म का अपमान और हिंदू आस्थाओं पर प्रहार ही इनकी असली पहचान है।"

धार्मिक समुदाय की छवि प्रभावित होने का आरोप

वहीं, थाने पहुंचकर अमिता सचदेवा ने शिकायत में आरोप लगाया कि नेहा बोरा द्वारा मंदिरों में पुजारियों द्वारा महिलाओं से दुष्कर्म किए जाने संबंधी व्यापक बयान से एक धार्मिक समुदाय की छवि खराब हो सकती है। उनका कहना है कि इस तरह के बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है और धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि ऐसे बयान दो समुदायों के बीच वैमनस्य और तनाव बढ़ाने का कारण बन सकते हैं।

अभिव्यक्ति की आजादी असीमित नहीं: शिकायतकर्ता

अमिता सचदेवा ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल करते समय सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरे समुदायों के सम्मान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, किसी भी समुदाय या धार्मिक समूह के बारे में इस तरह का व्यापक आरोप लगाने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

जांच और कार्रवाई की उठी मांग

शिकायतकर्ता ने संसद मार्ग थाना पुलिस से नेहा बोरा के बयान की जांच करने और यह पता लगाने की मांग की है कि क्या उनका बयान किसी कानून का उल्लंघन करता है। साथ ही, जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई है। फिलहाल यह मामला पुलिस को दी गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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